Thursday, January 23, 2020

नरेन्द्र मोदी सर्वशक्तिमान

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लोहा इस वक्त समूचा विश्व मान रहा है। राजनीतिक दृश्टिकोण से ही नहीं अपितु उनके आध्यात्मिक सहज और सरल जीवन, व्यक्तित्व, कृतित्व, व्यवहार, दार्शनिक शक्ति और ऊर्जा से आज सभी कायल हैं। हर क्षेत्र में प्रखर स्थायित्व उनकी सफलता का स्रोत है। गुजरात से दिल्ली और दुनिया का सफर उन्होंने दृण इच्छा शक्ति से हासिल किया है। हिन्दुस्तान की बागडोर सम्हालने के साथ ही उनके अंदर देशभक्ति के अथाह सागर ने सम्पूर्ण विश्व को भारत की अहमियत का अहसास कराया है। उनके इरादे और हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कोई हिला नहीं सकता। कड़े से कडे़ फैसले और वो भी देश और देश की जनता के हित में लेना उनकी छवि को और ज्यादा साफ-सुथरी और निर्मल बनाता है। अपने कर्तव्य पथ पर निरंतर आगे बढ़ते हुए उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। देश की जनता के दर्द को आत्मसात करते हुए उस दर्द का निवारण तलाशा है। देश को सुखी, समृद्ध और विकसित करने की दिशा लिए कठिन निर्णय का देश की देश जनता ने सहर्स स्वीकार किया है।
आध्यात्मिक सोच के साथ दूसरों के लिए जीने वाले नरेन्द्र मोदी ने कभी अपने विषय में नहीं सोचा। जब वो जनता से रूबरू होते हैं, तो ऐसा लगता है कि कोई अपना अपनों का दर्द बांट रहा है। सहज और आत्मीय भाव से हर किसी को अपना बनाने की कला उनमें कूट-कूटकर भरी है। किसी भी क्षेत्र में अपनी दूरदर्शी सोच के माध्यम से हर किसी की शंका का समाधान करना उनके बांए हाथ का खेल है। छात्र हों, राजनेता हों, वैज्ञानिक हों या फिर देश के सुरक्षा प्रहरी कर किसी को ज्ञान बांटने वाले मोदी आज सभी के प्रिय बन गए हैं। शायद किसी नहीं सोचा था कि भारत को ऐसा यशस्वी प्रधानमंत्री भी मिलेगा। जिस पर सम्पूर्ण विश्व गर्व करेगा। नरेन्द्र मोदी ने जिस प्रकार भारत के वर्चस्व को विश्व पटल पर स्थापित किया है, आज से पहले शायद किसी ने किया होगा। विश्व गुरू की राह पर बढ़ते हिन्दुस्तान के कदमों को अब रोक पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।
अपने आपको महाशक्ति कहने वाले देशों ने भी नरेन्द्र मोदी की मिशाल देना शुरू कर दिया है। नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राॅयल, जीएसटी और सीएए जैसे कड़े निर्णय लेने वाले मोदी ने दुनिया को दिखा दिया है और सिखा भी दिया है कि आखिर देश कैसे चलाया जाता है और लोगों को कैसे अपना बनाया जाता है। दुनिया के दिल में बस चुके मोदी की लोकप्रियता से पाकिस्तान, चाइना और बड़े-बड़े मुल्क आश्चर्यचकित हैं। मोदी की कूटनीति ने न सिर्फ सभी को सोचने पर बिबश कर दिया है, बल्कि अब भारत की तरफ गलत नजर रखने की हिमाकत भी करना उन्होंने छोड़ दिया है। पाकिस्तान को घर में घुसकर मारने की ताकत रखने वाले मोदी के इरादे कोइ्र्र भांप नहीं सकता। हर किसी को बेहतर से बेहतर सीख देने वाले मोदी दुनिया को इंसानियत का पाठ पढ़ा रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, चाइना, रूस, इजरायल के अलावा मुस्लिम देश भी मोदी की तारीफ करते नहीं थकते। मोदी को सम्मानित करना आज हर देश अपना सौभग्य समझता है।
दुनिया में सर उठाकर आज भारत का हर नागरिक स्वछंदता से जा सकता है। जीने को तो सभी अपने लिए जीते हैं, लेकिन नरेन्द्र मोदी केवल दूसरों के लिए जीने की कला में माहिर हैं। कहते हैं सिक्के के दो पहलू होते हैं। ठीक इसी प्रकार नरेन्द्र मोदी की बड़ती लोकप्रियता और कामयाबी कुछ मुल्कों और राजनेताओं को हजम नहीं हो रही है। यही बजह है कि मोदी के खिलाफ आए दिन बगावत और षड्यंत्र के बीज बोए जा रहे हैं। विदेश ही नहीं अपितु अपने देश में देश विरोधी ताकतें यशस्वी प्रधानमंत्री के इरादों को कमजोर बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उन्हें हर बार मुंह की खानी पड़ रही है। देश के लिए जीने वाले और हर वक्त देशवासियों के विषय में सोचने वाले सच्चे, निडर और निश्छल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने विरोधियों को भी अपनाने से गुरेज नहीं करते। उनकी नजर में राष्ट्र ही सर्वोपरि है। ऐसे उदयीमान और यशस्वी और देशभक्त प्रधानमंत्री को भला कौन नहीं चाहेगा। अगर कोई नहीं चाहता, जो वो देश के विषय में क्या चाहेगा?
सर्वशक्तिमान की संज्ञा से अगर मोदी को नवाजा जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। सबको साथ लेकर चलने वाले और शांति की स्थापना करने वाले मोदी के लिए तमाम देश आज आंखें फैलाए स्वागत करने के लिए रास्ता जोह रहे हैं। भारतवासियों को भी अपने महानायक के लिए कुछ बेहतर करने और त्यागने की जरूरत है ताकि आप भी सच्चे देशभक्त बनकर एक नेक कार्य के साक्षी बन सकें। जब देश की खातिर नरेन्द्र मोदी अकेले चल पड़े हैं, तो ये हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम भी उनका हर कीमत पर साथ दें। ताकि वो इस पावन-पवित्र भारत देश को विश्व पटल पर पुनः विश्व गुरू का तमगा दिला सकें। आओ हम अपने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अनुसरण करते हुए देशभक्ति का परिचय दें। जय हिन्द!

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